March 2010 archive

अग्नि-परीक्षा-२ : परीक्षा तो सूचना का अधिकार अधिनियम की भी

Sarokar

अधिनियम को लोक सूचना अधिकारी की वैधानिक जवाबदेही के अपने ब्रह्मास्‍त्र को सर्वोच्च न्यायालय में होने जा रही वैधानिक बहस में प्रतिष्‍ठित कराना ही होगा। यह उसकी बड़ी अग्नि-परीक्षा होगी क्योंकि यदि वह ऐसा नहीं कर पाया तो अधिनियम अपनी भावना और उद्देश्य, दोनों ही, सदा के लिए गँवा बैठेगा। सूचना का अधिकार अधिनियम की इस प्रभाव-शीलता पर देश के सर्वोच्च न्यायालय में लगाया गया प्रश्‍न-चिन्ह केवल न्याय की भारतीय अवधारणा को नहीं अपितु अधिनियम को भी अग्नि-परीक्षा की कसौटी पर कसेगा। Continue reading

अग्नि-परीक्षा-१ : परीक्षा में झुँकी न्याय की भारतीय अवधारणा

Sarokar

बलि की बेदी के खूँटे से साक्षात्‌ न्याय की भारतीय अवधारणा ही बाँध दी गयी है। बिना परिणामों की गहराई पर विचार किये ही न्याय की भारतीय अवधारणा को अग्नि-परीक्षा में झौंक दिया गया है। परम्परा से कहीं बहुत गहरा है न्याय की भारतीय अवधारणा का आसन्न संकट। Continue reading