June 2010 archive

किसकी-किसकी वापसी, कैसा-कैसा अर्थ!

Fourth Pocket

शोर-शराबे भरे हुजूम से गाने के बोल छितरा रहे थे, “मोरा पिया घर आया।” मानो, कोई इतना इज्जत-दार मनई ‘घर’ आ रहा है! लेकिन, किसी और के या फिर अपने? सो, मन ही मन फ़ेहरिस्‍त टटोली। किस-किस के घर आने के राज-नैतिक मुद्दे ताजे थे? Continue reading

कांग्रेसियों में फिर घुसा नया मियादी वायरस

Fourth Pocket

अनपढ़-नादान भले समझ बैठें कि सचाई का घुस गया अनजान सा कोई वायरस इस विरासती पार्टी को कहीं इतिहास के सुपुर्द न कर दे। लेकिन एक सचाई तो यह भी है कि ईमान-सचाई तो नेहरू के त्रेतायी युग की शुरूआत से ही कांग्रेस से छिटकने लगी थी। Continue reading