February 2012 archive

गुजरात लोकायुक्‍त विवाद-२ : अहं ब्रह्मास्मि!

गुजरात की सरकार और प्रदेश के राज्यपाल के बीच उभरे मन-भेद पर गुजरात उच्च न्यायालय की इबारत में भारतीय लोक-तन्त्र के लिए स्वीकारे गये संघीय स्वरूप की कितनी और कैसी समझ रही, अथवा भारतीय न्याय-व्यवस्था देश के लोक-तान्त्रिक संविधान को किस स्वरूप में फलते-फूलते देखना चाहती है, इसका आभास उच्चतम न्यायालय की दहलीज से ही आयेगा।

Continue reading