June 2012 archive

गयी भैंस पानी में!

Fourth Pocket

भरोसे की भैंस के पड़ा जनने वाले बुन्देली उलाहने में हाथ पर हाथ धरे बैठने के नुकसानों की पॉसिबिलिटी को अण्डर-लाइन करके दिखलाने से ज्यादा कुछ नहीं है। लेकिन, भैंस के पानी में जाने का भोपाली ताना पूरी की पूरी पूँजी के ही हाथ से फिसल जाने के दर्द को बयांन करता है। Continue reading

कौन किसके आसरे?

Fourth Pocketपहले डेवलप्ड कण्ट्रीज़ ने हमें सिखाया कि बड़ों के जूठन के आसरे जीने के क्या फ़ायदे हैं? अब ’दार जी गुरु-दक्षिणा चुका रहे हैं। एश्योर कर रहे हैं कि देश-हित जाये भाड़ में, इतनी दुर्गत के बाद भी हम ‘आसरा-संस्कृति’ का दामन थामे रहेंगे। Continue reading

गली-गली में शोर है

Fourth Pocket

भैरयाना बोले तो, पॉलिटिकली बैंक-करप्‍ट होना। जैसे, बीजेपी एलाइन्स से बाहर जमीन की तलाश में जुटी जेडीयू। इसके बिहारी मन्त्री गिरिराज सिंह एक खास जाति के वोट-बैंक को जुगाड़ने के लिए कह बैठे कि रणवीर सेना का सरगना ब्रह्मेश्‍वर मुखिया जीवन के अन्तिम पल तक ‘गांधी-वादी’ रहा! Continue reading

Abduction of Our Daughters : A Sindhi Saga

Atithi-Vichar

इण्डियन-अमेरिकन इण्टेलेक्‍चुअल फ़ोरम के अध्यक्ष नरेन कटारिया ((Narain Kataria – katariaN@aol.com)) ने पाकिस्‍तान में हिन्दुओं की दुर्दशा को बतलाने वाली एक दु:खद जानकारी अमेरिका से भेजी है। साम्प्रदायिक उन्माद से ओत-प्रोत ‘राष्‍ट्रों’ के ‘मानवाधिकार प्रेमी’ कुटिल मुखौटों को उघाड़ती यह जानकारी मूलत: पाकिस्‍तानी नागरिक विजू सिधवानी ((Viju Sidhwani – vijusidhwani@gmail.com)) का एक आलेख है। Continue reading

तालिबान! तालिबान!!

Ateet Ka Jharokha

अवसर और छूट मिले तो देशज ‘विद्वान’ देश को यह पाठ पढ़ाने को तत्पर हैं कि समूचे उत्तर भारत में कमोबेश सारे वर्ग और जाति के लोग परस्पर आक्रान्‍ता, शोषक और अल्पसंख्यक हैं। और सम्‍भवत: यह भी कि यही सारे लोग, परस्पर मिलकर, समूचे दक्षिण भारत को आक्रान्‍त करते रहे हैं। Continue reading

सिखाया पूत : दरबार चढ़े भी, नहीं भी!

Fourth Pocket

सचिन ने पहले अपने नॉमिनेशन को प्रपोज़ करने और फ़ाइनल करने वालों की अक़्ल का तमाशा बना दिया। फिर, आईपीएल में खेलने की खातिर, अपने देश की टीम में शामिल होने से मना करने वाले पीटरसन की आलोचना कर साबित किया कि एक न एक सिखाया पूत, आखिर-कार, दरबार चढ़ ही जाता है। Continue reading