December 2013 archive

गांगुली विवाद : खेत खाने की जुगत भिड़ाती बागड़ें

Sarokar

ऐसा कम ही हुआ है जब किसी ने अपने अस्तित्व के औचित्य पर प्रश्‍न उठाये हों। और, ऐसा तो हुआ ही नहीं है कि किसी ने स्वयं अपनी ही शुचिता के मिथक पर उँगली उठायी हो। किन्तु न्याय-मूर्ति गांगुली से जुड़े ताजे प्रशिक्षु-विवाद ने ऐसी सम्भावनाओं को जन्म दिया है कि यह भरोसा करने को जी करने लगे कि बागड़ भी खेत को खा सकती है। Continue reading

देवयानी विवाद : एक पहलू यह भी

Sarokar

देवयानी के साथ स्वयं को खड़ा हुआ दिखलाने वाला लगभग प्रत्येक प्रखर वक्‍ता चैनल दर चैनल कहता फिर रहा है कि देवयानी अपनी नौकरानी को अमरीका में जो भुगतान कर रही है वह भारतीय मानकों के अनुसार है। और यह बेहतर भी है। गोया, जब यह विदेश-सेवा अधिकारी अपनी घरेलू नौकरानी को डॉलर में भुगतान करती है तो इसको उसकी उदारता ही मानना चाहिए। Continue reading