September 2014 archive

दायित्व को निभाने की बारी अब राष्ट्र की

Sarokar

पीड़ित किसानों को तो यह भी पता नहीं है कि राहत के लिए आवश्यक बना दिया गया उनका दावा आगे बढ़ेगा भी या राजस्व कर्मचारियों, या फिर, सेवा सहकारी समितियों के पदाधिकारियों की मंशा की बलि चढ़ जायेगा। उन्हें प्रतीक्षा है कि कोई न कोई पहल करे और राहत-प्रदाय के उनके निवेदनों को शासन तक पहुँचाये। Continue reading

डॉक्टर गलत परन्तु ज्योतिषी ठीक!

Twarit

उद्धृत खबर सही हो या गलत, समाचार-पत्र में प्रकाशित टिप्पणी समाज को भटकाव के जोखिम की चौखट पर खड़ा कर रही है। क्योंकि करने वाला नहीं, करने वाले की नीयत ही तय करती है कि कोई कर्म उचित है अथवा अनुचित। प्रकाशित हुई खबर का खण्डन कितनी निगाहों से गुजरेगा? समाज का सारा का सारा असमंजस इसी एक बिन्दु पर केन्द्रित है। Continue reading