January 2015 archive

आदर्श ग्राम पर आदर्श सवाल : २

Sarokar

केन्द्र की कागजी लफ़्फ़ाजी के प्रकाश में सवाल यह है कि विकल्पों के चुनाव का अधिकार क्या सच में गाँवों के हाथ में होगा? या, विकल्पों के निर्धारण के विकल्प पर शासन-प्रशासन के गिनती के पूर्वाग्रहित कर्ता-धर्ताओं का स्वत्वाधिकार होगा? गाँवों की जीवन शैली मूलत: कृषि-प्रधान है, आदर्श ग्राम योजना क्या इसे संरक्षित रख पायेगी? Continue reading