सूचना आयोग से पलट-सवाल

Bahas

खबर है कि आयोग के एक फैसले में कहा गया है कि अधिकारियों को अधिनियम समझ नहीं है। ऐसे में एक पलट-सवाल करने की सूझी है — क्या आयोग के अपने ही अधिकारियों में अधिनियम की ठीक-ठीक समझ है? यह उलट-सवाल इसलिए कि मुझे, और आयोग की अन्तर्दशा से अच्छी तरह परिचितों को भी, इसके बारे में पर्याप्त आशंका है।

Peoples Samachar_07 July 2015_Page-4
बीते दिनों मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग द्वारा द्वितीय अपील में पारित किये गये एक आदेश की खबर पढ़ने को मिली। लब्बो-लुबाब यह था कि सूचना आयुक्त हीरालाल त्रिवेदी ने अपीलकर्ता के पक्ष में जो आदेश पारित किया उसमें यह तल्ख टिप्पणी भी की कि नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम की जानकारी नहीं है। इसी आदेश में आयुक्त महोदय ने निगम के एमडी को यह निर्देश भी दिया कि वे अधिकारियों का प्रशिक्षण भी करायें।

इस खबर को पढ़ कर आयोग से यह एक पलट-सवाल करने की सूझी है — क्या आयोग के अपने ही अधिकारियों में अधिनियम की ठीक-ठीक समझ है? यह उलट-सवाल इसलिए कि मुझे, और आयोग की अन्तर्दशा से अच्छी तरह परिचितों को भी, इसके बारे में पर्याप्त आशंका है।

(१३ जुलाई २०१५)