अण्डे-मुर्गी का ग्रेट इण्डियन कन्फ़्यूजन

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राम के ‘होने’ में ही लखन के होने की कुंजी है। क्योंकि, किसी में यह दावा करने की हिम्मत नहीं कि अनुज के ‘लक्ष्‍मण’ होने में ही अग्रज के ‘राम’ होने की कुंजी है। यही मेरी चिन्ता थी। Continue reading

हमारी ब्राण्ड न्यू पहचान

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हम पर इन्वेस्ट किया जा सकता है। एक-दम बे-खौफ़। अपनी यह नयी इण्टर-नेशनल पहचान कायम करने में सफल हो ही गये हैं हम। कथनी के क्यूट से मुखौटे के पीछे करनी के भयावह चेहरे को छिपा पाने की एक-दम अन-पैरेलल पहचान! Continue reading

रीडिंग बिटवीन द लाइन्स

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बैक-ग्राउण्ड में वर्ल्ड-कप के तमाशे की ज्वाला की धधक थी। ‘कौन जीता, कौन हारा’ से कतई परे। भला हो, आक्‍टोपस बाबा का! इसी ‘परे’ होने में अ-लौकिक साम्प्रदायिक सद्‍भाव की अनपेक्षित गल-बहियाँ हिलोरें ले रही थीं। Continue reading

बलिहारी इस ईमान (दारी) की!

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घुटे-छँटे राज-नैतिक श्रेष्‍ठि अपनी बे-नकाबी के आसन्‍न गहरे संकट को, काम के अतिरेक से उपजी रोजमर्रा की भुला दी जाने वाली, छोटी-मोटी ना-कामयाबियों की तरह जनता के सामने रखने की बिसात बिछाने जुट गये हैं। Continue reading

आखिर मुग़ालते ही तो होते हैं मुग़ालते!

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सच तो केवल यह है कि मुग़ालते सम-दर्शी और सम-भावी होते हैं। किसी एक आदम-जात, गुट या पार्टी की बपौती नहीं है मुग़ालतों पर। यह तो खुली खेती है। मुफ़्त की जमीन पर और बिना धेला खरचा किये की जा सकने वाली। Continue reading

झण्डे और डण्डे का उल्टा-पुल्टा

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देश में झण्डे का परिचय पहली क्लास से ही शुरू होता है। अब तो, पास होना भी जरूरी नहीं रह गया है। रहता था तब भी कौन सा जरूरी था कि गरीब का बच्चा स्कूल जाये। खुद हिसाब लगाकर देख लीजिए। झण्डे का सही-साट लगाना कुल पापुलेशन में से कितनों को आता होगा? Continue reading

किसकी-किसकी वापसी, कैसा-कैसा अर्थ!

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शोर-शराबे भरे हुजूम से गाने के बोल छितरा रहे थे, “मोरा पिया घर आया।” मानो, कोई इतना इज्जत-दार मनई ‘घर’ आ रहा है! लेकिन, किसी और के या फिर अपने? सो, मन ही मन फ़ेहरिस्‍त टटोली। किस-किस के घर आने के राज-नैतिक मुद्दे ताजे थे? Continue reading

कांग्रेसियों में फिर घुसा नया मियादी वायरस

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अनपढ़-नादान भले समझ बैठें कि सचाई का घुस गया अनजान सा कोई वायरस इस विरासती पार्टी को कहीं इतिहास के सुपुर्द न कर दे। लेकिन एक सचाई तो यह भी है कि ईमान-सचाई तो नेहरू के त्रेतायी युग की शुरूआत से ही कांग्रेस से छिटकने लगी थी। Continue reading